साहेब के जन्मदिन …

साहेब के जन्मदिन पर …
18 August 1934
**********************
सफ़ेद से लिबास में
रहता है वो शख़्स
जिसके कलाम की
स्याह-रंगीन रोशनाई,
रंग भर आती है;
काग़ज़ के कोरे पन्नो पे…
और उन पन्नो पे
उतर आते हैं;
जूनून और ज़िन्दगी से भरे
कुछ अलफ़ाज़…
जो “सम्पूरन” आईना हैं,
उस त्रियासी सालां नौजवान के
ज़िन्दादिल, शायराना वजूद का…
उन्ही अल्फ़ाज़ों से है “गुलज़ार”…
जाने कितनो की जिंदगी
ना जाने कितनो के, …
सपनो का रंगीन जहां!!
Happy birthday #gulzar sahab
#brij

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साहेब के जन्मदिन पर …
18 August 1934
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सफ़ेद से लिबास में
रहता है वो शख़्स
जिसके कलाम की
स्याह-रंगीन रोशनाई,
रंग भर आती है;
काग़ज़ के कोरे पन्नो पे…
और उन पन्नो पे
उतर आते हैं;
जूनून और ज़िन्दगी से भरे
कुछ अलफ़ाज़…
जो “सम्पूरन” आईना हैं,
उस त्रियासी सालां नौजवान के
ज़िन्दादिल, शायराना वजूद का…
उन्ही अल्फ़ाज़ों से है “गुलज़ार”…
जाने कितनो की जिंदगी
ना जाने कितनो के, …
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Remembering #gulzar sahab

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