खो गई सब सादगी, …

खो गई सब सादगी, मासूमियत भी खो गई,
खुद से मिले हुए भी यहां मुद्दते ही हो गई…!!!
#brij

Advertisements

खो गई सब सादगी, मासूमियत भी खो गई,
खुद से मिले हुए भी यहां मुद्दते ही हो गई…!!!
#brij

Posted by | View Post | View Group
Advertisements

आँखों में जलन, सीने …

आँखों में जलन, सीने में तूफान सा क्यों है
इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है
#DelhiSmog #brij

आँखों में जलन, सीने में तूफान सा क्यों है
इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है
#DelhiSmog #brij

Posted by | View Post | View Group

सुरमे की तरह मुझको …

सुरमे की तरह मुझको हालात ने पीसा है..
तब जाके चढ़ा हूँ मैं लोगों की निगाहों में..
#brij

सुरमे की तरह मुझको हालात ने पीसा है..
तब जाके चढ़ा हूँ मैं लोगों की निगाहों में..
#brij

Posted by | View Post | View Group

ना जाने कैसी नज़र …

ना जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की,
अब वजह ही नही मिलती मुस्कुराने की….!
#brij

ना जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की,
अब वजह ही नही मिलती मुस्कुराने की….!
#brij

Posted by | View Post | View Group

खुद की फैलायी …

खुद की फैलायी गन्दगी, खुद के लिए ही जहर बन गयी
देखो तो प्रदूषण की हवा, दिल्ली वालों के लिए कहर बन गयी।
#brij

खुद की फैलायी गन्दगी, खुद के लिए ही जहर बन गयी
देखो तो प्रदूषण की हवा, दिल्ली वालों के लिए कहर बन गयी।
#brij

Posted by | View Post | View Group

जफ़ा के ज़िक्र पर तुम …

जफ़ा के ज़िक्र पर तुम क्यों संभल के बैठ गए
तुम्हारी बात नही, बात है जमाने की
#brij

जफ़ा के ज़िक्र पर तुम क्यों संभल के बैठ गए
तुम्हारी बात नही, बात है जमाने की
#brij

Posted by | View Post | View Group

काग़ज के फूल भी …

काग़ज के फूल भी महकते हैं,
कोई देता है जब मोहब्बत से…!!
#brij

काग़ज के फूल भी महकते हैं,
कोई देता है जब मोहब्बत से…!!
#brij

Posted by | View Post | View Group

हल्की हल्की सी …

हल्की हल्की सी सर्द हवा
ज़रा ज़रा सा दर्द-ए-दिल …
अंदाज़ अच्छा है
नवंबर तेरे आने का
#brij

हल्की हल्की सी सर्द हवा
ज़रा ज़रा सा दर्द-ए-दिल …
अंदाज़ अच्छा है
नवंबर तेरे आने का
#brij

Posted by | View Post | View Group

क्या हुआ ग़र ख़ुशी …

क्या हुआ ग़र ख़ुशी नहीं बस में
मुस्कुराना तो इख़्तियार में है
#brij

क्या हुआ ग़र ख़ुशी नहीं बस में
मुस्कुराना तो इख़्तियार में है
#brij

Posted by | View Post | View Group

लिखकर गज़ल हमने …

लिखकर गज़ल हमने मोहब्बत का इजहार किया,
वो इतने नादान थे कि हँसकर बोले, एक ओर फरमाईये
#brij
Shayrana.org

लिखकर गज़ल हमने मोहब्बत का इजहार किया,
वो इतने नादान थे कि हँसकर बोले, एक ओर फरमाईये
#brij
Shayrana.org

Posted by | View Post | View Group