ख्वाहिशों के …

ख्वाहिशों के पन्नों पे दो लफ्ज़ ज़िन्दगी उकेरी थी!
बारिशों का मौसम था…….. कागज़ों सी गल गई!
#brij

Advertisements

ख्वाहिशों के पन्नों पे दो लफ्ज़ ज़िन्दगी उकेरी थी!
बारिशों का मौसम था…….. कागज़ों सी गल गई!
#brij

Posted by | View Post | View Group
Advertisements

ख़र्च चलेगा अब …

ख़र्च चलेगा अब मिरा, किस के हिसाब में भला..!
सब के लिए बहुत हूँ मैं, अपने लिए ज़रा नहीं..!!
#brij

ख़र्च चलेगा अब मिरा, किस के हिसाब में भला..!
सब के लिए बहुत हूँ मैं, अपने लिए ज़रा नहीं..!!
#brij

Posted by | View Post | View Group

एक शख़्स कर रहा है …

एक शख़्स कर रहा है अभी तक वफ़ा का ज़िक्र,
क़ाश उस जुबां-दराज़ का मुंह नोच ले कोई…
#brij

एक शख़्स कर रहा है अभी तक वफ़ा का ज़िक्र,
क़ाश उस जुबां-दराज़ का मुंह नोच ले कोई…
#brij

Posted by | View Post | View Group

रिश्ता नही रखना तो …

रिश्ता नही रखना तो हम पर नज़र क्यों रखते हो,
जिन्दा है या मर गए तुम ये खबर क्यों रखते हो…?
#brij

रिश्ता नही रखना तो हम पर नज़र क्यों रखते हो,
जिन्दा है या मर गए तुम ये खबर क्यों रखते हो…?
#brij

Posted by | View Post | View Group

वक्त ने तराशा बहुत …

वक्त ने तराशा बहुत कि हीरा बन जाऊँ..
मैं कोयला बना रहा, मुझे बिकना ही नही था..!!
#brij

वक्त ने तराशा बहुत कि हीरा बन जाऊँ..
मैं कोयला बना रहा, मुझे बिकना ही नही था..!!
#brij

Posted by | View Post | View Group

शीशा और पत्थर संग …

शीशा और पत्थर संग संग रहे तो बात नहीं घबराने की
शर्त इतनी है कि बस दोनों ज़िद ना करे टकराने की
#brij

शीशा और पत्थर संग संग रहे तो बात नहीं घबराने की
शर्त इतनी है कि बस दोनों ज़िद ना करे टकराने की
#brij

Posted by | View Post | View Group

तुम कभी मेरे …

तुम कभी मेरे साथ…आसमां तक चलो…!!
मुझे इस चाँद का…गुरूर तोड़ना है….!..
#brij

तुम कभी मेरे साथ…आसमां तक चलो…!!
मुझे इस चाँद का…गुरूर तोड़ना है….!..
#brij

Posted by | View Post | View Group

जो कुछ भी हूँ पर यार …

जो कुछ भी हूँ पर यार गुनहगार नहीं हूँ
दहलीज़ हूँ, दरवाज़ा हूँ, पर दीवार नहीं हूँ…
#brij

जो कुछ भी हूँ पर यार गुनहगार नहीं हूँ
दहलीज़ हूँ, दरवाज़ा हूँ, पर दीवार नहीं हूँ…
#brij

Posted by | View Post | View Group

बिछड़ कर फिर …

बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था
बेशक ख्वाब था लेकिन हसीन कितना था
#brij

बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकीन कितना था
बेशक ख्वाब था लेकिन हसीन कितना था
#brij

Posted by | View Post | View Group

मुझे कुछ अफ़सोस …

मुझे कुछ अफ़सोस नहीं कि मेरे पास सब कुछ होना चाहिए था,
मैं उस वक़्त भी मुस्कुराता था जब मुझे रोना चाहिए था…..
#brij

मुझे कुछ अफ़सोस नहीं कि मेरे पास सब कुछ होना चाहिए था,
मैं उस वक़्त भी मुस्कुराता था जब मुझे रोना चाहिए था…..
#brij

Posted by | View Post | View Group