जब कभी दर्द की …

जब कभी दर्द की तस्वीर बनाने निकले
ज़ख़्म की तह में कई ज़ख़्म पुराने निकले

चैन मिलता है तिरे शौक़ को पूरा कर के
वर्ना ऐ लख़्त-ए-जिगर कौन कमाने निकले

वक़्त की गर्द में पैवस्त थे सब ज़ख़्म मिरे
जब चली तेज़ हवा लाख फ़साने निकले

ये किसी तौर भी अल्लाह को मंज़ूर नहीं
कि तू एहसान करे और जताने निकले

पहले नफ़रत की वो दीवार गिराए ‘अहया’
फिर मोहब्बत का नया शहर बसाने निकले

#अहया_भोजपुरी
#Azhan

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जब कभी दर्द की तस्वीर बनाने निकले
ज़ख़्म की तह में कई ज़ख़्म पुराने निकले

चैन मिलता है तिरे शौक़ को पूरा कर के
वर्ना ऐ लख़्त-ए-जिगर कौन कमाने निकले

वक़्त की गर्द में पैवस्त थे सब ज़ख़्म मिरे
जब चली तेज़ हवा लाख फ़साने निकले

ये किसी तौर भी अल्लाह को मंज़ूर नहीं
कि तू एहसान करे और जताने निकले

पहले नफ़रत की वो दीवार गिराए ‘अहया’
फिर मोहब्बत का नया शहर बसाने निकले

#अहया_भोजपुरी
#Azhan

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..””” मिले जो मुफ्त …

..””” मिले जो मुफ्त में उस चीज की कीमत नहीं होती…
हुई है कद्र हर इक साँस की जब वक़्त आया है…!!
#Azhan

..””” मिले जो मुफ्त में उस चीज की कीमत नहीं होती…
हुई है कद्र हर इक साँस की जब वक़्त आया है…!!
#Azhan

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आसमा अपने घराने मे …

आसमा अपने घराने मे रखा जाता है
और हमें आखरी खाने मे रखा जाता है
खुदको आँखो मे सजाऐ हूए निकला ना करो
कीमती माल खजाने मे रखा जाता है
#राहत
#Azhan

आसमा अपने घराने मे रखा जाता है
और हमें आखरी खाने मे रखा जाता है
खुदको आँखो मे सजाऐ हूए निकला ना करो
कीमती माल खजाने मे रखा जाता है
#राहत
#Azhan

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ज़िन्दगी की हर …

ज़िन्दगी की हर कहानी बे असर हो जाएगी
हम न होंगे तो यह दुनिया दर ब दर हो जाएगी

पांव पत्थर करके छोड़ेगी अगर रूक जाइये
चलते रहिए तो ज़मीं भी हमसफ़र हो जाएगी

जुगनुओं को साथ लेकर रात रोशन कीजिए
रास्ता सूरज का देखा तो सहर हो जाएगी

ज़िन्दगी भी काश मेरे साथ रहती उम्र भर
ख़ैर अब जैसे भी होनी है बसर हो जाएगी

तुम ने ख़ुद ही सर चढ़ाई थी सो अब चक्खो मज़ा
मैं न कहता था, कि दुनिया दर्द-ए-सर हो जाएगी

तलख़ियां भी लाज़मी हैं ज़िन्दगी के वास्ते
इतना मीठा बन के मत रहिये शकर हो जाएगी

~डाॅ राहत इंदौरी Dr. Rahat Indori
#Azhan

ज़िन्दगी की हर कहानी बे असर हो जाएगी
हम न होंगे तो यह दुनिया दर ब दर हो जाएगी

पांव पत्थर करके छोड़ेगी अगर रूक जाइये
चलते रहिए तो ज़मीं भी हमसफ़र हो जाएगी

जुगनुओं को साथ लेकर रात रोशन कीजिए
रास्ता सूरज का देखा तो सहर हो जाएगी

ज़िन्दगी भी काश मेरे साथ रहती उम्र भर
ख़ैर अब जैसे भी होनी है बसर हो जाएगी

तुम ने ख़ुद ही सर चढ़ाई थी सो अब चक्खो मज़ा
मैं न कहता था, कि दुनिया दर्द-ए-सर हो जाएगी

तलख़ियां भी लाज़मी हैं ज़िन्दगी के वास्ते
इतना मीठा बन के मत रहिये शकर हो जाएगी

~डाॅ राहत इंदौरी Dr. Rahat Indori
#Azhan

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ये जो तुम्हारी याद …

ये जो तुम्हारी याद है न,

बस यही एक हमारी जायदाद है…
#Azhan

ये जो तुम्हारी याद है न,

बस यही एक हमारी जायदाद है…
#Azhan

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फिर यूँ हुआ कि सोने …

फिर यूँ हुआ कि सोने का भाव गिर गया…
इक शाम जो उतारा उसने कंगन कलाई से…
#Azhan

फिर यूँ हुआ कि सोने का भाव गिर गया…
इक शाम जो उतारा उसने कंगन कलाई से…
#Azhan

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कितना चालाक है वो …

कितना चालाक है वो यार-ए-सितमगर देखो
उस ने तोहफ़े में घड़ी दी है मगर वक़्त नहीं
#Azhan

कितना चालाक है वो यार-ए-सितमगर देखो
उस ने तोहफ़े में घड़ी दी है मगर वक़्त नहीं
#Azhan

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पकड़ी जब नफ़्ज़ मेरी., …

पकड़ी जब नफ़्ज़ मेरी.,
हकीम लुकमान यू बोला…!
वो ज़िंदा है तुझ में..’
तू मर चूका है जिस में..!🥀✍🏻
#Azhan

पकड़ी जब नफ़्ज़ मेरी.,
हकीम लुकमान यू बोला…!
वो ज़िंदा है तुझ में..’
तू मर चूका है जिस में..!🥀✍🏻
#Azhan

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हर एक लफ़्ज़ में …

हर एक लफ़्ज़ में सीने का नूर ढाल के रख
कभी कभार तो काग़ज़ पे दिल निकाल के रख !
जो दोस्तों की मोहब्बत से जी नहीं भरता,
तो आस्तीन में दो-चार साँप पाल के रख !
तुझे तो कितनी बहारें सलाम भेजेंगी,
अभी ये फूल सा चेहरा ज़रा सँभाल के रख !
(अंजुम बाराबंकवी)
#Azhan

हर एक लफ़्ज़ में सीने का नूर ढाल के रख
कभी कभार तो काग़ज़ पे दिल निकाल के रख !
जो दोस्तों की मोहब्बत से जी नहीं भरता,
तो आस्तीन में दो-चार साँप पाल के रख !
तुझे तो कितनी बहारें सलाम भेजेंगी,
अभी ये फूल सा चेहरा ज़रा सँभाल के रख !
(अंजुम बाराबंकवी)
#Azhan

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