परिंदा क़ैद में …

परिंदा क़ैद में कुल आसमान भूल गया
रिहा तो हो गया लेकिन उड़ान भूल गया

मेरे शिकार को तरकश में तीर लाया मगर
वो मेरी जान का दुश्मन कमान भूल गया

उसे तो याद है सारा जहान मेरे सिवा
मैं उस की याद में सारा जहान भूल गया

#हाशिम_रज़ा_जलालपुरी
#Azhan

परिंदा क़ैद में कुल आसमान भूल गया
रिहा तो हो गया लेकिन उड़ान भूल गया

मेरे शिकार को तरकश में तीर लाया मगर
वो मेरी जान का दुश्मन कमान भूल गया

उसे तो याद है सारा जहान मेरे सिवा
मैं उस की याद में सारा जहान भूल गया

#हाशिम_रज़ा_जलालपुरी
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

मेरी निगाह में वो …

मेरी निगाह में वो शख्स आदमी भी नही**
जिसे लगा है ज़माना खुदा बनाने में**
**अभी ना इन्हें परेशां करो मसीहाओं
**मरीज़ उलझे हुए हैं दवा बनाने में
ये चन्द लोग जो बस्ती में सबसे अच्छे हैं***
इन्ही का हाँथ है मुझको बुरा बनाने में*****
***मेरा ज़मीर मेरा ऐतबार बोलता है
***मेरी जुबान से परवरदिगार बोलता है
तेरी ज़ुबान कतरना बहोत ज़रूरी है***
तुझे मरज़ है कि तू बार-बार बोलता है***
***कुछ और काम तो जैसे आता ही नही
#Azhan
***मगर वो झूठ बहोत शानदार बोलता है।।

मेरी निगाह में वो शख्स आदमी भी नही**
जिसे लगा है ज़माना खुदा बनाने में**
**अभी ना इन्हें परेशां करो मसीहाओं
**मरीज़ उलझे हुए हैं दवा बनाने में
ये चन्द लोग जो बस्ती में सबसे अच्छे हैं***
इन्ही का हाँथ है मुझको बुरा बनाने में*****
***मेरा ज़मीर मेरा ऐतबार बोलता है
***मेरी जुबान से परवरदिगार बोलता है
तेरी ज़ुबान कतरना बहोत ज़रूरी है***
तुझे मरज़ है कि तू बार-बार बोलता है***
***कुछ और काम तो जैसे आता ही नही
#Azhan
***मगर वो झूठ बहोत शानदार बोलता है।।

Posted by | View Post | View Group

जब कभी दर्द की …

जब कभी दर्द की तस्वीर बनाने निकले
ज़ख़्म की तह में कई ज़ख़्म पुराने निकले

चैन मिलता है तिरे शौक़ को पूरा कर के
वर्ना ऐ लख़्त-ए-जिगर कौन कमाने निकले

वक़्त की गर्द में पैवस्त थे सब ज़ख़्म मिरे
जब चली तेज़ हवा लाख फ़साने निकले

ये किसी तौर भी अल्लाह को मंज़ूर नहीं
कि तू एहसान करे और जताने निकले

पहले नफ़रत की वो दीवार गिराए ‘अहया’
फिर मोहब्बत का नया शहर बसाने निकले

#अहया_भोजपुरी
#Azhan

जब कभी दर्द की तस्वीर बनाने निकले
ज़ख़्म की तह में कई ज़ख़्म पुराने निकले

चैन मिलता है तिरे शौक़ को पूरा कर के
वर्ना ऐ लख़्त-ए-जिगर कौन कमाने निकले

वक़्त की गर्द में पैवस्त थे सब ज़ख़्म मिरे
जब चली तेज़ हवा लाख फ़साने निकले

ये किसी तौर भी अल्लाह को मंज़ूर नहीं
कि तू एहसान करे और जताने निकले

पहले नफ़रत की वो दीवार गिराए ‘अहया’
फिर मोहब्बत का नया शहर बसाने निकले

#अहया_भोजपुरी
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

..””” मिले जो मुफ्त …

..””” मिले जो मुफ्त में उस चीज की कीमत नहीं होती…
हुई है कद्र हर इक साँस की जब वक़्त आया है…!!
#Azhan

..””” मिले जो मुफ्त में उस चीज की कीमत नहीं होती…
हुई है कद्र हर इक साँस की जब वक़्त आया है…!!
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

आसमा अपने घराने मे …

आसमा अपने घराने मे रखा जाता है
और हमें आखरी खाने मे रखा जाता है
खुदको आँखो मे सजाऐ हूए निकला ना करो
कीमती माल खजाने मे रखा जाता है
#राहत
#Azhan

आसमा अपने घराने मे रखा जाता है
और हमें आखरी खाने मे रखा जाता है
खुदको आँखो मे सजाऐ हूए निकला ना करो
कीमती माल खजाने मे रखा जाता है
#राहत
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

ज़िन्दगी की हर …

ज़िन्दगी की हर कहानी बे असर हो जाएगी
हम न होंगे तो यह दुनिया दर ब दर हो जाएगी

पांव पत्थर करके छोड़ेगी अगर रूक जाइये
चलते रहिए तो ज़मीं भी हमसफ़र हो जाएगी

जुगनुओं को साथ लेकर रात रोशन कीजिए
रास्ता सूरज का देखा तो सहर हो जाएगी

ज़िन्दगी भी काश मेरे साथ रहती उम्र भर
ख़ैर अब जैसे भी होनी है बसर हो जाएगी

तुम ने ख़ुद ही सर चढ़ाई थी सो अब चक्खो मज़ा
मैं न कहता था, कि दुनिया दर्द-ए-सर हो जाएगी

तलख़ियां भी लाज़मी हैं ज़िन्दगी के वास्ते
इतना मीठा बन के मत रहिये शकर हो जाएगी

~डाॅ राहत इंदौरी Dr. Rahat Indori
#Azhan

ज़िन्दगी की हर कहानी बे असर हो जाएगी
हम न होंगे तो यह दुनिया दर ब दर हो जाएगी

पांव पत्थर करके छोड़ेगी अगर रूक जाइये
चलते रहिए तो ज़मीं भी हमसफ़र हो जाएगी

जुगनुओं को साथ लेकर रात रोशन कीजिए
रास्ता सूरज का देखा तो सहर हो जाएगी

ज़िन्दगी भी काश मेरे साथ रहती उम्र भर
ख़ैर अब जैसे भी होनी है बसर हो जाएगी

तुम ने ख़ुद ही सर चढ़ाई थी सो अब चक्खो मज़ा
मैं न कहता था, कि दुनिया दर्द-ए-सर हो जाएगी

तलख़ियां भी लाज़मी हैं ज़िन्दगी के वास्ते
इतना मीठा बन के मत रहिये शकर हो जाएगी

~डाॅ राहत इंदौरी Dr. Rahat Indori
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

ये जो तुम्हारी याद …

ये जो तुम्हारी याद है न,

बस यही एक हमारी जायदाद है…
#Azhan

ये जो तुम्हारी याद है न,

बस यही एक हमारी जायदाद है…
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

फिर यूँ हुआ कि सोने …

फिर यूँ हुआ कि सोने का भाव गिर गया…
इक शाम जो उतारा उसने कंगन कलाई से…
#Azhan

फिर यूँ हुआ कि सोने का भाव गिर गया…
इक शाम जो उतारा उसने कंगन कलाई से…
#Azhan

Posted by | View Post | View Group

कितना चालाक है वो …

कितना चालाक है वो यार-ए-सितमगर देखो
उस ने तोहफ़े में घड़ी दी है मगर वक़्त नहीं
#Azhan

कितना चालाक है वो यार-ए-सितमगर देखो
उस ने तोहफ़े में घड़ी दी है मगर वक़्त नहीं
#Azhan

Posted by | View Post | View Group