रूह तक उतर गया है …

रूह तक उतर गया है कोई ग़म शायद…

मुस्कुराने की हर कोशिश नाकाम सी है..
#keval_______patel

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रूह तक उतर गया है कोई ग़म शायद…

मुस्कुराने की हर कोशिश नाकाम सी है..
#keval_______patel

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दुआएँ 😘 जमा करने …

दुआएँ 😘 जमा करने में लगा हूँ साहब, 👦

सुना है “”दौलत और शोहरत”” साथ नही जाते ।
.
SHoaiB

दुआएँ 😘 जमा करने में लगा हूँ साहब, 👦

सुना है “”दौलत और शोहरत”” साथ नही जाते ।
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SHoaiB

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*बड़े प्यार से …

*बड़े प्यार से पराया कर देते है
वो लोग,,*
*जो प्यार से भी प्यारे होते
है,,,, *
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SHoaiB

*बड़े प्यार से पराया कर देते है
वो लोग,,*
*जो प्यार से भी प्यारे होते
है,,,, *
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SHoaiB

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ये जो मुस्कराहटों …

ये जो मुस्कराहटों का लिबास पहना है मैंने….
असल में उदासियों पर रफ़ू करवा के आया हूँ….
#सचिन

ये जो मुस्कराहटों का लिबास पहना है मैंने….
असल में उदासियों पर रफ़ू करवा के आया हूँ….
#सचिन

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रुतबा तो …

रुतबा तो ‘खामोशियों’का होता है ,
‘अल्फ़ाज’ का क्या ,
वो तो मुकर जाते है हालात देखकर !!
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SHoaiB

रुतबा तो ‘खामोशियों’का होता है ,
‘अल्फ़ाज’ का क्या ,
वो तो मुकर जाते है हालात देखकर !!
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SHoaiB

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चाहे लाख लिख दूँ …

चाहे लाख लिख दूँ मैं अल्फ़ाज
पर ये कभी न बयान कर पायंगे मेरे अहसास…
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SHoaiB

चाहे लाख लिख दूँ मैं अल्फ़ाज
पर ये कभी न बयान कर पायंगे मेरे अहसास…
.
SHoaiB

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शायराना सी हैं …

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‘इस दुनियाँ में जरा …

‘इस दुनियाँ में जरा बच के रहना जनाब,
रूह में बस कर भी यहाँ धोखा दे जाते है लोग !!’
.
SHoaiB

‘इस दुनियाँ में जरा बच के रहना जनाब,
रूह में बस कर भी यहाँ धोखा दे जाते है लोग !!’
.
SHoaiB

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ज़िन्दगी तुझ को …

ज़िन्दगी तुझ को जिया है कोई अफ़सोस नहीं
ज़हर खुद मैंने पिया है, कोई अफ़सोस नहीं

मैने मुजरिम को भी न मुजरिम कहा दुनिया में
बस यही जुर्म किया है कोई अफ़सोस नहीं

मेरी किस्मत में लिखे थे ये उन्ही की आंसू
दिल के जख्मों को सिया है कोई अफ़सोस नहीं

अब गिरे संग की शीशों की हो बारिश ‘फ़ाकिर’
अब कफ़न ओढ़ लिया है कोई अफ़सोस नहीं।

(सुदर्शन फ़ाकिर)

ज़िन्दगी तुझ को जिया है कोई अफ़सोस नहीं
ज़हर खुद मैंने पिया है, कोई अफ़सोस नहीं

मैने मुजरिम को भी न मुजरिम कहा दुनिया में
बस यही जुर्म किया है कोई अफ़सोस नहीं

मेरी किस्मत में लिखे थे ये उन्ही की आंसू
दिल के जख्मों को सिया है कोई अफ़सोस नहीं

अब गिरे संग की शीशों की हो बारिश ‘फ़ाकिर’
अब कफ़न ओढ़ लिया है कोई अफ़सोस नहीं।

(सुदर्शन फ़ाकिर)

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