ठिठुर रहा है पेज, …

ठिठुर रहा है पेज, सदस्य भी थम से गये है,
आज सर्दी बहुत है, अल्फाज भी जम से गये है!!
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SHoaiB

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ठिठुर रहा है पेज, सदस्य भी थम से गये है,
आज सर्दी बहुत है, अल्फाज भी जम से गये है!!
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ताल्लुक है मेरा….. …

ताल्लुक है मेरा…..
उस संस्कृति से
जिसकी बेटी अगर
गुड़िया भी खरीदे तो
दुपट्टा साथ लेती है…!!
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SHoaiB

ताल्लुक है मेरा…..
उस संस्कृति से
जिसकी बेटी अगर
गुड़िया भी खरीदे तो
दुपट्टा साथ लेती है…!!
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SHoaiB

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भारत के लोगोँ की …

भारत के लोगोँ की इच्छाएं भी अजीब हैं..
पढ़ना प्राइवेट स्कूल में चाहते हैं..
और जॉब सरकारी स्कूल में चाहते हैं..
#सचिन

भारत के लोगोँ की इच्छाएं भी अजीब हैं..
पढ़ना प्राइवेट स्कूल में चाहते हैं..
और जॉब सरकारी स्कूल में चाहते हैं..
#सचिन

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तुम्हारा कौन है वो …

तुम्हारा कौन है वो मुझसे कोई पूछे तो कहूँ
एक मीठा सा प्यारा सा अहसास है वो…

रिश्ता है एक बेनाम, बेमकसद सा उससे,
मासूम खामोश बच्चे सा बहुत खास है वो.

सागर की मौजों पे मचलती चलती नाव में
बैठे शख्स की दो घूँट पानी की प्यास है वो

हज़ारों -लाखों से राब्ता है उसका जहां में,
पर भीड़ मे भी कुछ तन्हा या उदास है वो

सबको भर देता है खुशी और जोश से वो,
पर खुद के अपनो के क़हर से हताश है वो

मेरे करीब आ के भी रखता है दूरी मुझसे,
पर दूर रह के भी रहता है मेरे पास है वो

धड़कन में रहके हरदम दिल मे बसता है
बैचेनी कभी तो कभी चैन की साँस है वो
#राj

तुम्हारा कौन है वो मुझसे कोई पूछे तो कहूँ
एक मीठा सा प्यारा सा अहसास है वो…

रिश्ता है एक बेनाम, बेमकसद सा उससे,
मासूम खामोश बच्चे सा बहुत खास है वो.

सागर की मौजों पे मचलती चलती नाव में
बैठे शख्स की दो घूँट पानी की प्यास है वो

हज़ारों -लाखों से राब्ता है उसका जहां में,
पर भीड़ मे भी कुछ तन्हा या उदास है वो

सबको भर देता है खुशी और जोश से वो,
पर खुद के अपनो के क़हर से हताश है वो

मेरे करीब आ के भी रखता है दूरी मुझसे,
पर दूर रह के भी रहता है मेरे पास है वो

धड़कन में रहके हरदम दिल मे बसता है
बैचेनी कभी तो कभी चैन की साँस है वो
#राj

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समझौतों की …

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया
इतने घुटने टेके हमने, आख़िर घुटना टूट गया

देख शिकारी तेरे कारण एक परिन्दा टूट गया,
पत्थर का तो कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन शीशा टूट गया

घर का बोझ उठाने वाले बचपन की तक़दीर न पूछ
बच्चा घर से काम पे निकला और खिलौना टूट गया

किसको फ़ुर्सत इस दुनिया में ग़म की कहानी पढ़ने की
सूनी कलाई देखके लेकिन, चूड़ी वाला टूट गया

ये मंज़र भी देखे हमने इस दुनिया के मेले में
टूटा-फूटा नाच रहा है, अच्छा ख़ासा टूट गया

पेट की ख़ातिर फ़ुटपाथों पर बेच रहा हूँ तस्वीरें
मैं क्या जानूँ रोज़ा है या मेरा रोज़ा टूट गया

Munnawar Rana………../////
#Azhan

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया
इतने घुटने टेके हमने, आख़िर घुटना टूट गया

देख शिकारी तेरे कारण एक परिन्दा टूट गया,
पत्थर का तो कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन शीशा टूट गया

घर का बोझ उठाने वाले बचपन की तक़दीर न पूछ
बच्चा घर से काम पे निकला और खिलौना टूट गया

किसको फ़ुर्सत इस दुनिया में ग़म की कहानी पढ़ने की
सूनी कलाई देखके लेकिन, चूड़ी वाला टूट गया

ये मंज़र भी देखे हमने इस दुनिया के मेले में
टूटा-फूटा नाच रहा है, अच्छा ख़ासा टूट गया

पेट की ख़ातिर फ़ुटपाथों पर बेच रहा हूँ तस्वीरें
मैं क्या जानूँ रोज़ा है या मेरा रोज़ा टूट गया

Munnawar Rana………../////
#Azhan

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सजर की शाक पर जब भी …

सजर की शाक पर जब भी समर लहराने लगते है
वो कच्चे हो के पक्के उन पे पत्थर आने लगते है

में जब उनकी गली से आईना बनकर गुजरता हु
वो मुझको दूर ही से देखकर सरमाने लगते है

चलें हे बेचने वो आईना अन्धो की बस्ती में।
मुझे इस शहर के लोग होशियार सब दीवाने लगते हे।।

अल्ताफ जिया
#Azhan

सजर की शाक पर जब भी समर लहराने लगते है
वो कच्चे हो के पक्के उन पे पत्थर आने लगते है

में जब उनकी गली से आईना बनकर गुजरता हु
वो मुझको दूर ही से देखकर सरमाने लगते है

चलें हे बेचने वो आईना अन्धो की बस्ती में।
मुझे इस शहर के लोग होशियार सब दीवाने लगते हे।।

अल्ताफ जिया
#Azhan

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ना देखी है हमने …

ना देखी है हमने उनकी सुरत ना वो हमें जानते फिर भी..

धड़कता है ये दिल उनके लिए बस इतना ही हम जानते हैं..
#सचिन

ना देखी है हमने उनकी सुरत ना वो हमें जानते फिर भी..

धड़कता है ये दिल उनके लिए बस इतना ही हम जानते हैं..
#सचिन

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“`“कहते है कब्र में …

“`“कहते है कब्र में सुकून की नींद होती है,

अजीब बात है की यह बात भी जिन्दा लोगो ने कही !!” “`

#ऋषि

“`“कहते है कब्र में सुकून की नींद होती है,

अजीब बात है की यह बात भी जिन्दा लोगो ने कही !!” “`

#ऋषि

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चंद गुल्लक ही काफी …

चंद गुल्लक ही काफी हैं जरूरतों के वास्ते
ख्वाहिशें तो कुबेर की भी रह जाती हैं।
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SHoaiB

चंद गुल्लक ही काफी हैं जरूरतों के वास्ते
ख्वाहिशें तो कुबेर की भी रह जाती हैं।
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SHoaiB

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जान-बुझ कर सोच -समझ …

जान-बुझ कर सोच -समझ कर मैने भूला दिया ,
हर वो किस्सा ज़ो दिल को बेहलाने वाला था ..
#keval_______patel

जान-बुझ कर सोच -समझ कर मैने भूला दिया ,
हर वो किस्सा ज़ो दिल को बेहलाने वाला था ..
#keval_______patel

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