मेरे प्रभु, …

मेरे प्रभु,
वो खैरियत से तो है..?
आज उसकी सहेली अकेली दिखी..😎

मेरे प्रभु,
वो खैरियत से तो है..?
आज उसकी सहेली अकेली दिखी..😎

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चलो अच्छी सोच …

चलो अच्छी सोच लाते हैं
बागवां में फूल खिलाते हैं।

साहिलों का बस काम है ये
लहरों को धूल चटाते हैं।

इक मकां घर बनता है जब
दादा दादी गाँव से आते हैं।

पुल बन गया फिर भी हम
नदी पार नाव से जाते हैं।

चांदी की थाली में खाने वाले
रोटी चावल ही तो खाते हैं।

गाना भी जो हिंदू मुस्लिम है
डर डर कर हम गाते हैं।

खुद पे जो अभिमान करे हो
जानो ,जो आते हैं वो जाते हैं।

#नीलाभ

चलो अच्छी सोच लाते हैं
बागवां में फूल खिलाते हैं।

साहिलों का बस काम है ये
लहरों को धूल चटाते हैं।

इक मकां घर बनता है जब
दादा दादी गाँव से आते हैं।

पुल बन गया फिर भी हम
नदी पार नाव से जाते हैं।

चांदी की थाली में खाने वाले
रोटी चावल ही तो खाते हैं।

गाना भी जो हिंदू मुस्लिम है
डर डर कर हम गाते हैं।

खुद पे जो अभिमान करे हो
जानो ,जो आते हैं वो जाते हैं।

#नीलाभ

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ज़रूरी नहीं है की …

ज़रूरी नहीं है की हर बात पर तुम मेरा कहा मानो,
दहलीज पर रख दी है चाहत और अब आगे तुम जानो..😎

ज़रूरी नहीं है की हर बात पर तुम मेरा कहा मानो,
दहलीज पर रख दी है चाहत और अब आगे तुम जानो..😎

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अभी खूबसूरत चेहरा …

अभी खूबसूरत चेहरा है आशिक बहुत होंगे,
झुर्रियां में भी इश्क़ करें आशिक ऐसा हूँ मैं..😎

अभी खूबसूरत चेहरा है आशिक बहुत होंगे,
झुर्रियां में भी इश्क़ करें आशिक ऐसा हूँ मैं..😎

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क्या ये ज़रूरी है …

क्या ये ज़रूरी है कि दो लोग प्यार करे तो शादी ही करे और हमेशा साथ ही रहे क्या वो अलग होके अलग अलग जगह रह के बिना शादी किए हुए प्यार नहीं कर सकते, क्या उनके नाम को जोड़ना ज्यादा जरूरी है वैसे तो प्यार खुद में मुकम्मल है…

क्या ये ज़रूरी है कि दो लोग प्यार करे तो शादी ही करे और हमेशा साथ ही रहे क्या वो अलग होके अलग अलग जगह रह के बिना शादी किए हुए प्यार नहीं कर सकते, क्या उनके नाम को जोड़ना ज्यादा जरूरी है वैसे तो प्यार खुद में मुकम्मल है…

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सुनो सनम …

सुनो सनम

जुल्फें चाहे कितनी हंसीं क्यूँ न हो..

दुपट्टा शख़्सियत को चार चाँद लगा देता है..

#ऋषि

सुनो सनम

जुल्फें चाहे कितनी हंसीं क्यूँ न हो..

दुपट्टा शख़्सियत को चार चाँद लगा देता है..

#ऋषि

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वो अंजाम कितना …

वो अंजाम कितना सुहाना था
मुझे हारना ,तुम्हें हराना था।

दर्द वो था जैसे कोई कीचड़
जो कमल सा इक फसाना था।

सुन क्यूँ गए तुम आँखों से ही
मुझे जो लफ्जों से बताना था।

नशा जिंदगी का उतरा वहाँ
वहाँ पे ही इक मयखाना था।

प्यासों की उस बस्ती में तो
बड़ा ही बोझिल सा नहाना था।

वो गीत तुम सुन बैठे क्यूँ
जो देख तुम्हें मुझे गाना था।

जिसे कचरे में था डाल दिया
कुछ भूखे लोगों का खाना था।

न उसको कोई भी घर बोले
जहाँ महज़ जाना आना था।

चोरों की ही तो बस्ती निकली
जहाँ हमने सोचा कि थाना था।

मुकाम तुमने जिसको समझा
तुम्हें खींच वहीं से लाना था।

#नीलाभ

वो अंजाम कितना सुहाना था
मुझे हारना ,तुम्हें हराना था।

दर्द वो था जैसे कोई कीचड़
जो कमल सा इक फसाना था।

सुन क्यूँ गए तुम आँखों से ही
मुझे जो लफ्जों से बताना था।

नशा जिंदगी का उतरा वहाँ
वहाँ पे ही इक मयखाना था।

प्यासों की उस बस्ती में तो
बड़ा ही बोझिल सा नहाना था।

वो गीत तुम सुन बैठे क्यूँ
जो देख तुम्हें मुझे गाना था।

जिसे कचरे में था डाल दिया
कुछ भूखे लोगों का खाना था।

न उसको कोई भी घर बोले
जहाँ महज़ जाना आना था।

चोरों की ही तो बस्ती निकली
जहाँ हमने सोचा कि थाना था।

मुकाम तुमने जिसको समझा
तुम्हें खींच वहीं से लाना था।

#नीलाभ

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कड़क सर्दी में …

कड़क सर्दी में जलती हुई अलाव से हो तुम,
आँच हद से ज़्यादा हो तो भी दूर नहीं रहा जाता!
.
SHoaiB

कड़क सर्दी में जलती हुई अलाव से हो तुम,
आँच हद से ज़्यादा हो तो भी दूर नहीं रहा जाता!
.
SHoaiB

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कमियों ढूँढने के …

कमियों ढूँढने के बाजार लगे हैं…
अच्छाइयाँ बंद कोठरी मे पड़ी है…!!
.
SHoaiB

कमियों ढूँढने के बाजार लगे हैं…
अच्छाइयाँ बंद कोठरी मे पड़ी है…!!
.
SHoaiB

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खूँ दे कर भी भला …

खूँ दे कर भी भला होता है
यूँ ही नहीं करबला होता है।

मियाँ वो है पानी की बेचैनी
जहाँ भी बुलबुला होता है।

क्यूँ बुरा बोलें कीचड़ को
उसमें कमल खिला होता है।

दिलवाले कभी नहीं कहते
धोखा इश्क का सिला होता है।

क्यूँ न हो तिजारत रिश्तों में
दिल दिमाग से मिला होता है।

दे पाता है यहाँ रोशनी वही
जो खुद ही तो जला होता है।

पिता बन कर तुम देखोगे
बुरा बन कर भला होता है।

#नीलाभ

खूँ दे कर भी भला होता है
यूँ ही नहीं करबला होता है।

मियाँ वो है पानी की बेचैनी
जहाँ भी बुलबुला होता है।

क्यूँ बुरा बोलें कीचड़ को
उसमें कमल खिला होता है।

दिलवाले कभी नहीं कहते
धोखा इश्क का सिला होता है।

क्यूँ न हो तिजारत रिश्तों में
दिल दिमाग से मिला होता है।

दे पाता है यहाँ रोशनी वही
जो खुद ही तो जला होता है।

पिता बन कर तुम देखोगे
बुरा बन कर भला होता है।

#नीलाभ

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