Dosti

हमसे पूछो दोस्ती का सिला 
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा 

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Tajmahal

ये चमनज़ार ये जमुना का किनारा ये महल 
ये मुनक़्क़श दर-ओ-दीवार, ये महराब ये ताक़ 

इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर 
हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़

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Muhabbat

टूटा तलिस्म-ए-अहद-ए-मोहब्बत कुछ इस तरह
फिर आरज़ू की शमा फ़ुरेज़ाँ न कर सके

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Gulzaar

माना कि इस ज़मीं को न गुलज़ार कर सके, 
कुछ ख़ार कम कर गए गुज़रे जिधर से हम| 

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Chiraag

बुझने से जिस चिराग ने इंकार कर दिया ,
चक्कर लगा रही हैं हवा उसी के आस पास…!!!

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Aadat

आज तो उन्हें बेसबब रुलाने की चाहत है क्योंकि,
सुना है उन्हें रोते हुए लिपट जाने की आदत है..!!

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Shayerana

मुझसे पहले वो किसी और की थी, मगर कुछ शायराना चाहिए था
चलो माना ये छोटी बात है, पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था

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Chand

रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं 
चाँद पागल हैं अंधेरे में निकल पड़ता हैं 

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Haadsa

ये हादसा तो किसी दिन गुज़रने वाला था
मैं बच भी जाता तो इक रोज़ मरने वाला था

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Zalim

वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नईं

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