Dooriyan

दूरियाँ जब बढी तो गलतफमियाँ भी बढ गयी
फिर तुमने वो भी सुना , जो मैंने कहा ही नही

Posted by | View Post | View Group
Advertisements

Khat

इक ख़त कमीज़ में उसके नाम का क्या रखा,
क़रीब से गुज़रा हर शख्स पूछता है कौन सा इत्र है जनाब।।

Posted by | View Post | View Group

Aaj ke daur me e dost

आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है 
ज़ख़्म हर सर पे हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है 

जब हक़ीक़त है के हर ज़र्रे में तू रहता है 
फिर ज़मीं पर कहीं मस्जिद कहीं मंदिर क्यूँ है 

अपना अंजाम तो मालूम है सब को फिर भी 
अपनी नज़रों में हर इन्सान सिकंदर क्यूँ है

ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल ही नहीं अब “फ़ाकिर” 
वर्ना हर आँख में अश्कों का समंदर क्यूँ है

Sudarshan faakir

Posted by | View Post | View Group

Dosti

हमसे पूछो दोस्ती का सिला 
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा 

Posted by | View Post | View Group

Tajmahal

ये चमनज़ार ये जमुना का किनारा ये महल 
ये मुनक़्क़श दर-ओ-दीवार, ये महराब ये ताक़ 

इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर 
हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़

Posted by | View Post | View Group

Muhabbat

टूटा तलिस्म-ए-अहद-ए-मोहब्बत कुछ इस तरह
फिर आरज़ू की शमा फ़ुरेज़ाँ न कर सके

Posted by | View Post | View Group

Gulzaar

माना कि इस ज़मीं को न गुलज़ार कर सके, 
कुछ ख़ार कम कर गए गुज़रे जिधर से हम| 

Posted by | View Post | View Group

Chiraag

बुझने से जिस चिराग ने इंकार कर दिया ,
चक्कर लगा रही हैं हवा उसी के आस पास…!!!

Posted by | View Post | View Group

Aadat

आज तो उन्हें बेसबब रुलाने की चाहत है क्योंकि,
सुना है उन्हें रोते हुए लिपट जाने की आदत है..!!

Posted by | View Post | View Group

Shayerana

मुझसे पहले वो किसी और की थी, मगर कुछ शायराना चाहिए था
चलो माना ये छोटी बात है, पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था

Posted by | View Post | View Group