इस बार जो मुश्किल …

इस बार जो मुश्किल सयानी अलग है
किस्मत तो अपनी आजमानी अलग है।

समंदर से मिलेगी ये लहराती, बलखाती
इस दरिया की समझो रवानी अलग है।

अपने किरदार को थोड़ा बदला तो होता
इस बार जो तुम्हारी कहानी अलग है।

प्यास तो प्यास है, क्या मेरी,क्या तेरी
हाँ, ये है लेकिन, हमारा पानी अलग है।

जिंदगी गाली भी दे तो उसे अच्छी कहो
उसकी गाली का प्यारे मानी अलग है।

फूल मिलेंगे गुलाब के उसकी डायरी में
न समझो कि फौजी की जवानी अलग है।

नहीं दूँगा इस बार बहाना मुकद्दर का
इस बार हमने तो जिद ठानी अलग है।
#नीलाभ

Advertisements

इस बार जो मुश्किल सयानी अलग है
किस्मत तो अपनी आजमानी अलग है।

समंदर से मिलेगी ये लहराती, बलखाती
इस दरिया की समझो रवानी अलग है।

अपने किरदार को थोड़ा बदला तो होता
इस बार जो तुम्हारी कहानी अलग है।

प्यास तो प्यास है, क्या मेरी,क्या तेरी
हाँ, ये है लेकिन, हमारा पानी अलग है।

जिंदगी गाली भी दे तो उसे अच्छी कहो
उसकी गाली का प्यारे मानी अलग है।

फूल मिलेंगे गुलाब के उसकी डायरी में
न समझो कि फौजी की जवानी अलग है।

नहीं दूँगा इस बार बहाना मुकद्दर का
इस बार हमने तो जिद ठानी अलग है।
#नीलाभ

Posted by | View Post | View Group
Advertisements