तुम्हारे चले जाने …

तुम्हारे चले जाने का बहुत मलाल न था
मगर इस होली थाल में सुर्ख़ गुलाल न था।

सुना था जिंदगी मुकम्मल होती है जवाबों से
जो मौत आयी पास उसके कोई सवाल न था।

भरी दुपहरी लोगों के भीतर इंसां सो रहे क्या
इक भूखा बिलख रहा और कोई बवाल न था।

रंग बिरंगे फूल कब्र पे हँसते हँसते डाल दिए
कोई मर जाए तो रोते हैं , ये ख़्याल न था।

#नीलाभ

तुम्हारे चले जाने का बहुत मलाल न था
मगर इस होली थाल में सुर्ख़ गुलाल न था।

सुना था जिंदगी मुकम्मल होती है जवाबों से
जो मौत आयी पास उसके कोई सवाल न था।

भरी दुपहरी लोगों के भीतर इंसां सो रहे क्या
इक भूखा बिलख रहा और कोई बवाल न था।

रंग बिरंगे फूल कब्र पे हँसते हँसते डाल दिए
कोई मर जाए तो रोते हैं , ये ख़्याल न था।

#नीलाभ

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