“जाने क्यों मेरी …

“जाने क्यों मेरी #नींदों के, हाथ नहीं #पीले होते..

पलकों से लौटी हैं कितने, सपनों की #बारातें, सच…#R3han

“जाने क्यों मेरी #नींदों के, हाथ नहीं #पीले होते..

पलकों से लौटी हैं कितने, सपनों की #बारातें, सच…#R3han

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