नहीं लगती कोई भी …

नहीं लगती कोई भी “कविता”
इतनी ख़ूबसूरत
जितना “डायरी” के किसी पन्ने पर
लिखा तुम्हारा “नाम” …!!
.
SHoaiB

नहीं लगती कोई भी “कविता”
इतनी ख़ूबसूरत
जितना “डायरी” के किसी पन्ने पर
लिखा तुम्हारा “नाम” …!!
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SHoaiB

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