तुम बिछडे हमे अहसास दिलाने को और कँही ऐसा न…

तुम बिछडे हमे अहसास दिलाने को और कँही ऐसा न हो जाए,
तुझे याद करते करते हम तेरे बगैर जीना ही न सीख जाए..!!

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Author: admin

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7 thoughts on “तुम बिछडे हमे अहसास दिलाने को और कँही ऐसा न…”

  1. हम बिछडे तुम्हे अहसास दिलाने को और कँही ऐसा न हो जाए,
    तुझे याद करते करते हम तेरे बगैर जीना ही न सीख जाए..!!

  2. तलाशी ले कर मेरे हाथों „ की क्या पा „ लोगे … तुम बोलो ……
    बस..चंद लकीरों में छिपे .अधूरे से कुछ एक अनछुये किस्से जरुर हैं ..★Rv

  3. तेरे बिना जीना मुश्किल है …! ये तुझे बताना और भी मुश्किल है.

  4. लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी.
    पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया..

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