Barso se hume jinka

बरसों से हमें जिनका इंतज़ार था
उनका दिल कहीं और ही गिरफ़्तार था ।
वो कर रहा था दिल्लगी मेरे दिल के साथ
जमाने मे सबसे ज्यादा हमे जिस से प्यार था
सुना है वो सुकून से रहता है अब हमारे बिना
जिसके बगैर हमे कहीं पर भी ना क़रार था
उसने अपनी नज़रो से हमे क्यूँ गिरा दिया
मेरी नज़र मे जिसका खुदा के बराबर मेयार था
वो दिन भी आया जब वो भी था तन्हा मेरी तरह
मगर मेरे हाथ की लकीरों में उसका प्यार ना था

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Author: admin

I just love Shayri

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