मैने हर रोज जमाने …

मैने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है
उम्र के साथ जिन्दगी को ढंग बदलते देखा है

बो जो चलते थे तो शेर के चलने का होता था गुमान
उनको को भी पांव उठाने के लिये सहारे को तरसते देखा है

ज़िनकी नजरो की चमक देख कर सहम जाते थे लोग
उन्ही नजरो को बरसात की तरह रोते देखा है

ये जवानी ये ताकत ये दौलत सब कुदरत की इनायत है
इनके रहते हुए भी इंसान को बेजान हुआ देखा है

अपने आज पर इतना न इतराना मेरे यारो
वक्त की धारा में अच्छे अच्छो को मजबूर हुआ देखा है

कर सको तो किसी को खुश करके देखो
दुख देते हुए तो हमने हजारो को देखा है …

( राहत इंदौरी )
#Azhan

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मैने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है
उम्र के साथ जिन्दगी को ढंग बदलते देखा है

बो जो चलते थे तो शेर के चलने का होता था गुमान
उनको को भी पांव उठाने के लिये सहारे को तरसते देखा है

ज़िनकी नजरो की चमक देख कर सहम जाते थे लोग
उन्ही नजरो को बरसात की तरह रोते देखा है

ये जवानी ये ताकत ये दौलत सब कुदरत की इनायत है
इनके रहते हुए भी इंसान को बेजान हुआ देखा है

अपने आज पर इतना न इतराना मेरे यारो
वक्त की धारा में अच्छे अच्छो को मजबूर हुआ देखा है

कर सको तो किसी को खुश करके देखो
दुख देते हुए तो हमने हजारो को देखा है …

( राहत इंदौरी )
#Azhan

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