दुश्मनी की तो क्या …

दुश्मनी की तो क्या पूछिये, दोस्ती का भरोसा नहीं
आप मुझसे भी पर्दा करें, अब किसी का भरोसा नहीं

कल ये मेरे भी आंगन में थी, जिसपे तुझको ग़ुरूर आज है
कल ये शायद तुझे छोड़ दे, इस ख़ुशी का भरोसा नही

क्या ज़रूरी हर रात में, चाँद तुमको मिले जान_ए_ जाँ
जुगनुओं से भी निस्बत रखो, चाँदनी का भरोसा नहीं

रात दिन मुस्तक़िल कोशिशें, के ज़िन्दगी कैसे बेहतर बने
इतने दुख ज़िन्दगी के लिए, और इसी का भरोसा नहीं

पत्थरों से कहो राज़े दिल, ये नः देंगे दग़ा आपको
ऐ नदीम आज के दौर में, आदमी का भरोसा नहीं ,,,

नदीम शाद
#Azhan

Advertisements

दुश्मनी की तो क्या पूछिये, दोस्ती का भरोसा नहीं
आप मुझसे भी पर्दा करें, अब किसी का भरोसा नहीं

कल ये मेरे भी आंगन में थी, जिसपे तुझको ग़ुरूर आज है
कल ये शायद तुझे छोड़ दे, इस ख़ुशी का भरोसा नही

क्या ज़रूरी हर रात में, चाँद तुमको मिले जान_ए_ जाँ
जुगनुओं से भी निस्बत रखो, चाँदनी का भरोसा नहीं

रात दिन मुस्तक़िल कोशिशें, के ज़िन्दगी कैसे बेहतर बने
इतने दुख ज़िन्दगी के लिए, और इसी का भरोसा नहीं

पत्थरों से कहो राज़े दिल, ये नः देंगे दग़ा आपको
ऐ नदीम आज के दौर में, आदमी का भरोसा नहीं ,,,

नदीम शाद
#Azhan

Posted by | View Post | View Group
Advertisements