तेरे वादे तेरे …

तेरे वादे तेरे प्यार का मोहताज नहीं
ये कहानी किसी किरदार की मोहताज नहीं

खाली कशकोल पे इतरायी हुई फिरती है
ये फकीरी किसी दस्तार का मोहताज नहीं

लोग होठों पे सजाये हुए फिरते हैं मुझे
मेरी शोहरत किसी अखबार का मोहताज नहीं

इसे तूफान ही किनारे से लगा सकता है
मेरी कीस्ती किसी पतवार का मोहताज नहीं

मैंने मुल्कों की तरह लोगों का दिल जीतें है
ये हुकूमत किसी तलवार का मोहताज नहीं

राहत इंदौरी साहब
#Azhan

तेरे वादे तेरे प्यार का मोहताज नहीं
ये कहानी किसी किरदार की मोहताज नहीं

खाली कशकोल पे इतरायी हुई फिरती है
ये फकीरी किसी दस्तार का मोहताज नहीं

लोग होठों पे सजाये हुए फिरते हैं मुझे
मेरी शोहरत किसी अखबार का मोहताज नहीं

इसे तूफान ही किनारे से लगा सकता है
मेरी कीस्ती किसी पतवार का मोहताज नहीं

मैंने मुल्कों की तरह लोगों का दिल जीतें है
ये हुकूमत किसी तलवार का मोहताज नहीं

राहत इंदौरी साहब
#Azhan

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