जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… वो क्या समझेगा…

जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले…
वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को….!!

Author: admin

I just love Shayri

23 thoughts on “जिस “चाँद” के हजारों हो चाहने वाले… वो क्या समझेगा…”

  1. कुछ ख्वाहिशें बारिश की उन बूँदो की तरह होती हैं, जिन्हें पाने की चाहत में हथेलियाँ तो भीग जाती हैं, मगर हाथ हमेशा खाली रहते हैं….!!

  2. हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर तुझ पर ज़रा भी ज़ोरहोता मेरा …ना रोते हम यूँ तेरे लिये ..अगर हमारी ज़िन्दगीमें तेरे सिवा कोई ओर होता…

  3. गिरा ना पाओगे तुम लाख चाहकर भी मेरी लोकप्रियता को..!!
    मेरा कारंवा मेरे चाहने वालो से चलता हे ना की नफरत करने वालो से..!!

  4. मेरी तक़दीर मे जलना है तो जल जाऊँगा….!!तेरा वादा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा…..!!

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