Jo dar jaate hai dar Jane se pehle

जो डर जाते हैं डर जाने से पहले

वो मर जाते हैं मर जाने से पहले।

बहुत सम्मान था इन आंसुओं का
नज़र से यूँ उतर जाने से पहले।

पता भी है कि पिंजरे में परिंदा
बहुत तड़पा था पर जाने से पहले।

फिर उसके बाद चाहे कुछ हो लेकिन
झुके सर क्यूँ ये सर जाने से पहले।

मैं बिखरा हूँ मगर किसको पता है
मैं टूटा था बिखर जाने से पहले।

खुदा, मेरी दुआओं में असर रख
दुआओं का असर जाने से पहले।

इधर के काम भी निपटा चलूँ मैं
ये सोचा है उधर जाने से पहले।

नतीज़ा भी तो उसका सोच लीजे
कोई भी काम कर जाने से पहले।

मैं खाली हाथ हूँ डर लग रहा है
मुझे अपने ही घर जाने से पहले।

जो तुमने हाथ थामा चल पड़ा हूँ
मैं डरता था जिधर जाने से पहले।

तुम्हारे साथ क्या जाना है बोलो
ये सब सोचो मगर जाने से पहले।

ये सोना भी तो पीतल लग रहा था
सुहागे में निखर जाने से पहले।

तुम्हारी दूसरी हद क्या है सोचो
मगर हद से गुज़र जाने से पहले।

तुम उसके दर पे भी जाते ‘कुँअर’ जी
यूँ ऐसे दर-ब-दर जाने से पहले।

Kunwar bechain

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Author: admin

I just love Shayri

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