Achhe eesa ho marizon ka khyaal achha hai

अच्छे ईसा हो मरीजो़ का ख़याल अच्छा है 

हम मरे जाते हैं तुम कहते हो हाल अच्छा है 

तुझ से माँगूँ मैं तुझी को कि सब कुछ मिल जाये 
सौ सवालों से यही इक सवाल अच्छा है 

देख ले बुलबुल-ओ-परवाना की बेताबी को 
हिज्र अच्छा न हसीनों  का विसाल अच्छा है 

आ गया उस का तसव्वुर तो पुकारा ये शौक़ 
दिल में जम जाये इलाही ये ख़याल अच्छा है

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Author: admin

I just love Shayri

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