Wo dil hi kya tere milne ki jo dua na kare

वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे 
मैं तुझको भूल के ज़िंदा रहूँ ख़ुदा न करे 

रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िन्दगी बनकर 
ये और बात मेरी ज़िन्दगी वफ़ा न करे 

ये ठीक है नहीं मरता कोई जुदाई में 
ख़ुदा किसी से किसी को मगर जुदा न करे 

सुना है उसको मोहब्बत दुआयें देती है 
जो दिल पे चोट तो खाये मगर गिला न करे 

ज़माना देख चुका है परख चुका है उसे 
“क़तील” जान से जाये पर इल्तजा न करे 

Qateel shifai

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Author: admin

I just love Shayri

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